इमरजेंसी फंड के बारे में मेहनती चीटियों से आप सीख सकते हैं ये बातें

एक इंसान का फ़र्ज़ बनता है की वह मेहनती और होशियार रहे अपने इमरजेंसी पूंजी बनाने में। इस विषय के बारे में हम चीटियों से बहुत कुछ सीख सकते है। वो कितनी मेहनती होती है और कैसे अपने लिए ज़र्रोरात्मंद चीज़ें एकत्र करती है। चीटियों से कैसे अपने फाइनेंस के बारे में सीखने के कुछ तरीके यहां पर प्रस्तुतः किये गए है।

चींटियाँ मेहनती होती हैं।

बहुत सारी चींटियाँ हैं जो अपनी घर या कॉलोनी बनाने, भोजन खोजने और कॉलोनी की रक्षा करने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं। वे अपने बच्चों का भी ख्याल करती हैं।

इस दुनिया में जीवित रहने के लिए चींटियां हजारों सालों से कड़ी मेहनत कर रही हैं, इसलिए इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि हम उनसे आपातकालीन धन  के बारे में कुछ सीख ले।

चींटियों के पास आपातकालीन धन होता है जिसका उपयोग वे अपनी घर या कॉलोनी की व्यवस्था के लिए करते हैं जब परिस्थिति खराब होती हैं। वे केवल किसी दुसरे की मदद के लिए इंतजार नहीं करते हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए हर दिन कड़ी मेहनत करते हैं कि वे जीवन में आने वाली किसी भी संकट के लिए हर समय तैयार रहें।

आप चींटियों को कुछ भी नहीं करते हुए समय बर्बाद करते नहीं देखते हैं। वे समय की कीमत जानते हैं।

चींटियाँ मेहनती होती हैं। वे आलसी नहीं होती हैं।  वे समय की कीमत जानते हैं। चींटियाँ कोई बरसात के दिन का इंतज़ार नहीं करती, क्योंकि वो जानती है की उनके लिए हर दिन बरसात का दिन होता है।

चींटियाँ विलंब नहीं करतीं; वे बस तब तक काम करते रहते हैं जब तक उनका काम पूरा नहीं हो जाता। वो मूर्खतापूर्ण गतिविधियों पर समय बर्बाद नहीं करती है, जिसमें समय लगता है।

चींटियाँ तब तक विराम नहीं लेतीं जब तक कि उन्हें पूरी तरह से ऐसा न करना पड़े और तब भी वे आवश्यकता से अधिक समय बर्बाद नहीं करेंगी क्योंकि उनके लिए वो आय खोना हो सकता है जो अपनी कॉलोनी के लिए  सेवाओं या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उन पर निर्भर हैं।

चींटियाँ भी बहुत साफ सुथरी होती हैं। उनका घर भी बहुत व्यवस्थित होता हैं। चींटियों के पास गंदगी या बाद में की जाने वाली कार्य के लिए समय नहीं होता है। वे जानते हैं कि अगर वे चाहते हैं कि कुछ सही किया जाए, तो उन्हें इसे स्वयं करने की ज़रुरत है। चीटिया आपको बहुत सारे मनी लेसन सीखा सती है

जब चींटी काम कर रही हो तो कोई उसे परेशान नहीं कर सकता।

चींटियाँ अपने आस-पास की किसी भी चीज़ से डरती नहीं हैं। वे अपने काम पर ही ध्यान केंद्रित करती हैं। उन्हें आकाश की तरफ देखने की भी ज़रुरत नहीं है क्योंकि वो जानते हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। इतना गहरा है भरोसा होता है उसमें।  

भले ही कोई उनका मजाक उड़ाने की कोशिश करें या उनका सामान छीन ले! चींटी अपने कार्यों को पूरा करने में इतनी व्यस्त होती है की उन्हें मालूम ही नहीं पड़ता। 

यह बिना किसी शर्म के स्वाभाविक रूप से जो कुछ भी करना है उसे करती रहती रहता है और यही कारण है कि हमें इन मेहनती चीटियों से कुछ सीख लेनी चाहिए।

अगर हम काम करना चाहते हैं, तो हमें उन्हें बिना किसी हिचकिचाहट के करना चाहिए। हमें इस बात से डरना नहीं चाहिए कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं या हमारे रास्ते में आने वाली बाधाओं से क्या होगा।  बाहरी प्रभावों से खुद को विचलित होने देना हमारी प्रगति को पीछे कर देती है और हमारे लिए अपने लक्ष्यों तक पहुंचना कठिन होजाता है।

चींटियाँ अपना काम प्रभावी ढंग से और कुशलता से करने के लिए अपने आराम का त्याग करती हैं।

वे समय के मूल्य को पहचानती हैं और वे अपने कार्य को प्रभावी ढंग से और कुशलता से करने के लिए बुद्धिमानी तरीके का उपयोग करते हैं।

वे एक भी क्षण बर्बाद नहीं करते हैं और वे हर पल के महत्व को महत्व देते हैं। वे जानते हैं कि कार्यों को कैसे प्राथमिकता देना है, लक्ष्य निर्धारित करना है और उसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करना है।

वे हमेशा नवीन चुनौतियों और जिम्मेदारियों को लेने के लिए तत्पर रहते हैं। वे जानते हैं कि अपने निजी जीवन को कार्य जीवन के साथ कैसे संतुलित रखना चाहिए और वे दोनों को प्रभावी ढंग से मैनेज करने में सक्षम है।

वे आपात स्थिति के लिए भोजन का भंडारण करते हैं

चींटियाँ बिना भोजन के दो हफ्ते तक जीवित रहने में सक्षम होती हैं। जब बारिश नहीं होती है, वे अपने साथ एकत्र किए गए भोजन को खा कर ऐसा करती हैं। चीटियां नवीन तरीके अपनाती है इसी करे के लिए।   

इस प्रकार, अगर सूखा या बाढ़ जैसा कुछ होता है, तो वे तब तक अपना पेट भरने में सक्षम होंगे जब तक कि परिस्थितियाँ फिर से सामान्य नहीं हो जाती।

इससे हमें भी सीखना चाहिए कि आपातकाल स्थितियों में भोजन का भंडारण करना चाहिए क्योंकि आने वाला समय कैसा हो कोई बता नहीं सकता। जब तक सब कुछ नियंत्रित और सामान्य ना हो जाए तब तक आपको कम से कम करें भोजन की चिंता तो ना करनी पड़े।

उनके सामने जो भी आता है, वे उसके लिए तैयार रहते हैं।

आपातकालीन स्थितियों के लिए चींटियां हमेशा तैयार रहती है। उनके पास एक घर बनाने की जगह, भोजन और पानी की व्यवस्था हमेशा होती है। यदि कोई आपात स्थिति होती है, तो चींटियाँ आवश्यकता पड़ने पर अपने आप जीवित रह सकती है।

चीटियां बहुत ही फोटो स्थान में भी रहने की क्षमता रखती है  जेसीबी कोई रेगिस्तान या कोई बर्फीली जगह। इससे पता चलता है कि भले ही आपकी वित्तीय स्थिति खराब हो जाए, फिर भी आप उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करके जीवन के साथ आगे बढ़ सकते हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखती हैं और हमेशा कठिन परिस्थितियों को झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।

Financial Lesson from hardworking Ant vs Grasshopper

निष्कर्ष

चींटियाँ पैसे बचा कर इमरजेंसी फंड बनाने के लिए एक बहुत ही अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उनकी हरकतें और आदतें आपकी कई तरह से मदद करती हैं। यहाँ मुख्य बात यह है कि जब धन (खाना) बचाने की बात आती है तो चींटियाँ बहुत अनुशासित होती हैं।

उनके पास हमेशा एक योजना होती है और वे कठिन परिस्थितियों में भी उस पर टिके रहते हैं। इसलिए अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को बचाना चाहते हैं तो चीटियों के नक्शेकदम पर चलें। धन्यवाद। 

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